न्योछावर प्रेम ये , जीवन ये उन आँखों के पानी पर
किसी शबरी के जूठे बेर वाली इक कहानी पर
न्योछावर उस कनु पर , वो कनु जो ईश है मेरा
कनु के प्रेम मैं पागल किसी मीरा दीवानी पर
आपने वो शबरी और राम की कहानी सुनी है न ? और कनु मेरे लिए प्रेम का प्रतीक है... कनु कभी कृष्ण है ,, कभी राधा है ,,, कभी मीरा है... कभी ये तीनो ,, और कभी कुछ नहीं,,, कभी सिर्फ एक अधूरापन,, एक प्यास,,, और कभी कनु उस प्यास की तृप्ति है.....
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